उल्हासनगर  स्वच्छता का मुद्दा धीमी गति में हो रहा 


उल्हासनगर(सरफराज खाना) : उल्हासनगर महानगरपालिका के पूर्व आयुक्त राजेंद्र निंबालकर की देखरेख में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत गिला व सूखा कचरा अलग करने हेतु हरे व नीले रंग के डिब्बे प्रॉपर्टी धारकों को देने थे लेकिन यह कार्य प्रशासन की लापरवाही से और सुनियोजित तरीके से न होने के कारण आज पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ है। जिस कारण उल्हासनगर शहर स्वच्छता भारत अभियान में काफी पीछे है। शहर में कचरे का समस्या गंभीर देखने को मिलती है खासकर डम्पिंग ग्राऊंड में भी जगह न होने के कारण यह परेशानी हो रही है। जिस तरह मास्क के लिए दंड लगाए जा रहे हैं अब कचरा फेंकने पर भी दंड की आवश्यकता हो गई है।